हमारे बारे में

निगम के संबंध में जानकारी

भारतीय पशुपालन निगम लिमिटेड निजी क्षेत्र कंपनी है । इसकी स्थापना भारतीय पशुपालन विकास एवं अनुसन्धान संस्थान लिमिटेड के नाम से वर्ष 2009 में कि गई थी । जनवरी 2011 में भारत सरकार के द्वारा अनुमति प्राप्त कर इसे निगम के रूप में परिवर्तन कर दिया गया है । निगम का कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण भारत वर्ष है । निगम का पंजीकरण भारत सरकार के कॉपोरेट कार्य मंत्रालय के जयपुर कार्यालय रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज द्वारा अधिनियम 1956(1965का 1) कि धारा 23(1) के अनुसरण में निगमन सख्या U01407RJ2009PLC029581के द्वारा किया गया है इसका रजिस्टर्ड कार्यालय जयपुर में स्थित है ।

निगम कि स्थापना " राष्ट्रीय पशुपालन उधयमिता विकास मिशन " परियोजना का संचालन कर उसके अंतर्गत परम्परागत पशुपालन को व्यवसायिक रूप प्रदान करना प्रमुख उद्देश्य है

 

राष्ट्रीय पशूपालन उद्यमिता विकास मिशन

पशुपालन को बढावा देने तथा पशुपालक को प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने आम पशुपालक तक न्यूनतम मूल्य पर कैटल फीट उत्पाद पहुँचाने के उद्देश्य को लेकर उक्त परियोजना पशुपालन ज्ञान केन्द्रों के माध्यम सेराष्ट्रीय स्तर पर संचालित की जा रही हैं तथा पशु सेवा केंद्र संचालन में पशुपालक को आगे रख कर उसे आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा हैं जिस के अर्न्तगत राष्ट्रीय स्तर पर पशुपालन ज्ञान केंद्र N.G.O./ डेयरी/गौशाला/ स्नातक बेरोजगार के माध्यम से खोले जा रहे हैं ।

डॉ वर्गीस कुरियन स्मृति पशुधन विकास प्रशिक्षण केन्द्रो के माध्यम से पशु पालन कार्यकर्ता (AHW) को प्रशिक्षित कर के पशु सेवा केन्द्रों के स्थापना की जा रही हैं जो सभी समस्याओ के निदान में सलाह देगा| इस के अतिरिक्त राज्यों की सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा तथा भारतीय पशु चिकित्सा परिषद् के नियमाधीन कोई भी प्रशिक्षित व्यक्ति पशू सेवा केन्द्रों पर रख रखाव देखेगा ।

पशुपालक ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक पशुचिकित्सा सुविधाएँ, कृत्रिम गर्भाधान, केटल फीड सप्लीमेंट, दवाइयां, टीकाकरण आदि सुविधाएँ इस सेवा केंद्र के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी । इन पशु सेवा केंद्र के माध्यम से पशुपालक ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक तकनीक के द्वारा प्रचार कर निगम की योजनाओं की जानकारी भी करवाई जाएगी |