राष्ट्रीय पशूपालन उद्यमिता विकास मिशन

पशूपालन को बढावा देने तथा पशूपालक को प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने आम पशूपालक तक न्यूनतम मूल्य पर कैटल फीट उत्पाद पहुँचाने के उद्देश्य को लेकर उक्त परियोजना पशूपालन ज्ञान केन्द्रों के माध्यम सेराष्ट्रीय स्तर पर संचालित की जा रही हैं तथा पशूसेवा केंद्र संचालन में पशूपालक को आगे रख कर उसे आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा हैं जिस के अर्न्तगत राष्ट्रीय स्तर पर पशुपालन ज्ञान केंद्र N.G.O./ डेयरी/गौशाला/ स्नातक बेरोजगार के माध्यम से खोले जा रहे हैं! इस के पश्चात् पशुपालन एवं पशु प्रबंधन के 6 मासिक प्रशिक्षण या प्रशक्षित वेटनरी सहायक ,पशुधन सहायक, पशुचिकित्सा सहायक, पैरावट, प्रशिक्षित गोपाल, पशु स्वास्थय कार्यकर्ता, पशु पालन कार्यकर्ता, पशु मित्र, AHW आदि के माध्यम से पशु सेवा केन्द्रों के स्थापना की जा रही हैं जो सभी समस्याओ के निदान में सलाह देगा! इस के अतिरिक्त सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा तथा भारतीय पशु चिकित्सा परिषद् के नियमाधीन कोई भी प्रशिक्षित व्यक्ति पशू सेवा केन्द्रों पर रख रखाव देखेगा, और पशुपालक ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक पशुचिकित्सा सुविधाएँ, कृत्रिम गर्भाधान, केटल फीड सप्लीमेंट, दवाइयां, टीकाकरण आदि सुविधाएँ इस सेवा केंद्र के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी! इस सेवा केंद्र के माध्यम से पशुपालक ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक तकनीक के द्वारा प्रचार प्रसार सरकार की योजनाओ और परयोजनाओ की जानकारी भी करवाई जाएगी!